जब वे सुखबासी लौटे, तो पूरा गाँव उनके स्वागत में ढोल लेकर निकला। लेकिन सुमेध चुप था। उसने अपनी कटी उँगली को देखा और कहा, "कभी-कभी, सबसे बड़ा योद्धा वह होता है जो सबसे भारी बोझ उठाकर चुप रहता है।"
सुमेध घबराकर भागा। अकेले में, उसने पहना अंगूठी—और एक अजीब दुनिया में प्रवेश किया, जहाँ सब कुछ धुंधला था, लेकिन एक जलती हुई आँख उसे देख रही थी। । the lord of the ring in hindi
तुषार ने थके हुए सुमेध को उठाया। "घर चलें, भाई।" जब वे सुखबासी लौटे