Vrishabha Vahana Hindi [exclusive] | Garuda Gamana
इस प्रकार यह स्तोत्र शिव में दिखाता है – एक ओर तेज, दूसरी ओर शांति। 4. प्रचलन और उपयोग यह पंक्ति मुख्यतः शिव स्तोत्र , शिव चालीसा , या शिव सहस्रनाम के अंश के रूप में मिलती है। प्रायः पूरा श्लोक इस प्रकार है: गरुड़ गमना वृषभ वाहना, शूल धरा कपटी लोचना। नाग भूषण कर धनु बाना, मैया जू की मोर मुकुट सुहाना।। (यहाँ ‘गरुड़ गमना’ शिव को विष्णु की भाँति वर्णित करता है, और ‘वृषभ वाहना’ उनके निज वाहन को।) 5. निष्कर्ष "गरुड़ गमना वृषभ वाहना" शिव के विराट, अनंत एवं अद्वितीय स्वरूप का बोध कराता है। यह सिद्ध करता है कि शिव ही वह ब्रह्म हैं, जो गरुड़ जैसे दिव्य पक्षी की गति रखते हुए भी साधारण बैल पर सवारी करते हैं – यानी सत्ता और सादगी का अद्भुत संगम । 🙏 हर हर महादेव!